सर्दी आते ही हर घर में एक सवाल जरूर उठता है कि पानी गर्म करने में कितनी बिजली खर्च हो रही है। बहुत से घरों में आज भी गीजर की जगह वॉटर हीटर रॉड यानी इमर्शन रॉड का इस्तेमाल होता है, क्योंकि यह सस्ता, आसानी से मिलने वाला और तुरंत काम करने वाला उपकरण है। लेकिन क्या आपने कभी यह हिसाब लगाया है कि यही छोटी सी दिखने वाली रॉड महीने के आखिर में बिजली बिल कितना बढ़ा देती है।
इस लेख में हम आपको बिल्कुल सरल भाषा में समझाएंगे कि वॉटर हीटर रॉड कितनी बिजली खपत करता है, एक बाल्टी पानी गर्म करने में कितनी यूनिट लगती है, महीने का खर्च कितना बैठता है और किन गलतियों की वजह से बिजली बेवजह बर्बाद होती है।
वॉटर हीटर रॉड क्या होता है और यह कैसे काम करता है
वॉटर हीटर रॉड एक इलेक्ट्रिक उपकरण है, जिसे सीधे पानी में डालकर गर्म किया जाता है। इसके अंदर हीटिंग एलिमेंट होता है, जो बिजली मिलने पर गर्म होता है और पानी का तापमान बढ़ाता है। इसमें आमतौर पर थर्मोस्टेट नहीं होता, यानी पानी गर्म हो जाने के बाद भी अगर आप इसे बंद नहीं करेंगे तो यह लगातार बिजली खपत करता रहेगा।
यही वजह है कि यह दिखने में भले ही छोटा उपकरण हो, लेकिन बिजली के लिहाज से काफी भारी पड़ सकता है।
वॉटर हीटर रॉड की पावर रेटिंग समझिए
बिजली खपत समझने के लिए सबसे जरूरी है रॉड की पावर रेटिंग। बाजार में आमतौर पर तीन तरह की रॉड मिलती हैं।
1000 वॉट की रॉड
1500 वॉट की रॉड
2000 वॉट की रॉड
यह वॉट बताता है कि रॉड एक घंटे में कितनी बिजली लेती है। इसे यूनिट में समझना और भी आसान है।
1 घंटे में कितनी यूनिट बिजली खर्च होती है
बिजली की भाषा में 1 यूनिट का मतलब 1 किलोवाट-घंटा होता है।
1000 वॉट की रॉड अगर 1 घंटे चलेगी तो लगभग 1 यूनिट बिजली खर्च करेगी
1500 वॉट की रॉड 1 घंटे में लगभग 1.5 यूनिट खर्च करेगी
2000 वॉट की रॉड 1 घंटे में करीब 2 यूनिट बिजली लेगी
यानी जितनी ज्यादा वॉट की रॉड, उतनी ज्यादा तेजी से बिजली मीटर घूमेगा।
एक बाल्टी पानी गर्म करने में कितनी बिजली लगती है
अधिकतर लोग यह सोचते हैं कि हम तो सिर्फ एक बाल्टी पानी गर्म करते हैं, इसमें कितना खर्च होगा। यहीं सबसे बड़ी गलतफहमी होती है।
सामान्य तौर पर एक बाल्टी पानी गर्म करने में 10 से 15 मिनट लगते हैं, अगर पानी बहुत ठंडा हो तो समय थोड़ा बढ़ सकता है।
1000 वॉट रॉड से एक बाल्टी पानी गर्म करने में लगभग 0.2 से 0.25 यूनिट बिजली
1500 वॉट रॉड से लगभग 0.25 से 0.35 यूनिट बिजली
2000 वॉट रॉड से लगभग 0.35 से 0.5 यूनिट बिजली
अगर दिन में दो बाल्टी पानी गर्म किया जाए, तो रोज की खपत 0.5 से 1 यूनिट तक पहुंच सकती है।
रोजाना और महीने का खर्च कैसे बनता है
अब इसे महीने के हिसाब से समझते हैं, क्योंकि असली असर वहीं दिखता है।
मान लीजिए आपके पास 1500 वॉट की रॉड है और आप रोज 30 मिनट इसका इस्तेमाल करते हैं।
30 मिनट यानी आधा घंटा
1500 वॉट यानी 1.5 किलोवाट
तो रोज की खपत होगी लगभग 0.75 यूनिट
30 दिन में खपत होगी करीब 22 से 23 यूनिट
अगर आपके राज्य में बिजली का रेट 7 रुपये प्रति यूनिट है, तो सिर्फ रॉड से पानी गर्म करने का खर्च 150 से 170 रुपये महीने तक पहुंच सकता है।
यह खर्च तब और बढ़ जाता है जब घर में कई लोग हों और हर कोई अलग-अलग समय पर पानी गर्म करे।
वॉटर हीटर रॉड से बिजली ज्यादा क्यों खर्च होती है
Bijli Didi अक्सर देखती हैं कि लोग रॉड का गलत इस्तेमाल करते हैं, जिससे बिजली की खपत बेवजह बढ़ जाती है।
पहला कारण है थर्मोस्टेट का न होना। रॉड खुद बंद नहीं होती, आपको ही बंद करनी पड़ती है
दूसरा कारण खुली बाल्टी। ढक्कन न होने से गर्मी जल्दी बाहर निकल जाती है
तीसरा कारण जरूरत से ज्यादा देर तक रॉड चालू रखना
चौथा कारण ज्यादा पावर वाली रॉड का इस्तेमाल
इन छोटी-छोटी आदतों का असर सीधे बिजली बिल पर पड़ता है।
क्या वॉटर हीटर रॉड गीजर से ज्यादा बिजली खपत करता है
यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं। जवाब थोड़ा समझने वाला है।
रॉड सस्ती होती है, लेकिन बिजली की खपत नियंत्रित नहीं होती
गीजर महंगा होता है, लेकिन उसमें थर्मोस्टेट और इंसुलेशन होता है
अगर आप रोजाना पानी गर्म करते हैं, तो कई बार गीजर कुल मिलाकर रॉड से कम बिजली खर्च कर देता है, क्योंकि वह तय तापमान पर खुद बंद हो जाता है।
सर्दियों में बिजली बिल अचानक क्यों बढ़ जाता है
सर्दियों में पानी का तापमान काफी कम होता है। ऐसे में रॉड को ज्यादा देर तक चलाना पड़ता है। यही वजह है कि नवंबर से फरवरी के बीच बिजली बिल अचानक बढ़ा हुआ नजर आता है और लोग समझ नहीं पाते कि आखिर वजह क्या है।
असल में रॉड का ज्यादा समय तक चलना और रोजाना इस्तेमाल ही इसकी मुख्य वजह होती है।
वॉटर हीटर रॉड इस्तेमाल करते समय सुरक्षा भी जरूरी
बिजली की खपत के साथ-साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
रॉड को कभी खाली बाल्टी में न चलाएं
पानी में हाथ डालने से पहले प्लग जरूर निकालें
पुरानी या खराब रॉड का इस्तेमाल न करें
बाथरूम में स्विच बोर्ड सूखा रखें
थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा भी हो सकती है।
बिजली बचाने के लिए सही तरीके क्या हैं
अगर आप रॉड का इस्तेमाल बंद नहीं कर सकते, तो कम से कम सही तरीके अपनाइए।
पानी गर्म होते ही तुरंत रॉड बंद करें
ढक्कन वाली बाल्टी का इस्तेमाल करें
जरूरत से ज्यादा गर्म पानी न करें
कम वॉट की रॉड चुनें, अगर जरूरत उतनी ही है
एक साथ पूरे घर का पानी गर्म करें, बार-बार न करें
इन तरीकों से 20 से 30 प्रतिशत तक बिजली बचाई जा सकती है।
किसके लिए वॉटर हीटर रॉड सही है
हर घर के लिए रॉड सही नहीं होती।
अगर आप अकेले रहते हैं और कभी-कभार पानी गर्म करते हैं, तो रॉड ठीक है
अगर परिवार बड़ा है और रोजाना इस्तेमाल ज्यादा है, तो गीजर या सोलर विकल्प बेहतर है
अगर बिजली बिल पहले से ज्यादा आता है, तो रॉड पर दोबारा सोचें
उपभोक्ता के तौर पर आपको क्या समझना चाहिए
Bijli Didi हमेशा यही कहती हैं कि बिजली उपकरण खरीदते समय सिर्फ कीमत न देखें, बल्कि उसके चलने का खर्च भी देखें। रॉड सस्ती लगती है, लेकिन लंबे समय में यह आपके बिल को चुपचाप बढ़ाती रहती है।
निष्कर्ष
वॉटर हीटर रॉड एक आसान और सस्ता विकल्प जरूर है, लेकिन बिजली खपत के मामले में यह सबसे ज्यादा लापरवाही वाला उपकरण भी साबित होता है। 1000 से 2000 वॉट की रॉड रोजाना इस्तेमाल में महीने का 150 से 300 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। अगर आप सही तरीके से इस्तेमाल करें, समय पर बंद करें और जरूरत के अनुसार पावर चुनें, तो बिजली की बर्बादी काफी हद तक रोकी जा सकती है।
Bijli Didi की सलाह यही है कि पानी गर्म करने का तरीका ऐसा चुनिए जो आपकी जरूरत, बजट और बिजली बिल तीनों के लिए संतुलित हो। सही जानकारी ही असली बचत की पहली सीढ़ी है।